जुलाई 2026

देशबेतार     Posted: April 1, 2024

मैं अपने परिवार सहित एक चाय की दुकान पर बैठा चाय की चुस्कियाँ ले रहा था और‌ सर्दी के चलते गर्मागर्म पकौड़े भी मँगवा रखे थे!

इतने में एक मजदूर किस्म का दिखने वाला आदमी आया ! मुझे लगा कि वह मेरे से कुछ माँगेगा या माँगना चाहता है; लेकिन मेरे पास से निकलकर पीछे रखा पानी पीने चला आया।  पानी पीकर वह फिर मेरे पास से गुजरा और‌ चुपचाप सड़क किनारे खड़ा हो गया – बिल्कुल उदास!

अचानक मैंने जैसे कोई संदेश उसकी आँखों में पढ़ लिया! मैंने बेटी से कहा कि इससे पूछकर आओ कि चाय पियोगे?

बेटी ने पूछा- पहले आप बताओ कि अगर वह हामी भर दे, तो क्या आप चाय पिलाओगे?

– हाँ, क्यों नहीं?

बेटी दौड़कर गई पूछने !

वह आदमी बिना ना नुकर‌ किए खामोशी से चला आया और बोला- बाबू जी, आया तो मैं इस सर्दी में आपसे एक कप चाय पीने ही; लेकिन यह कह नहीं पाया।  आप कैसे जान गए?

-कभी  डाकखाने गए हो?

– जी बाबू जी!

-वो टिक टिक करती तार देखी है?

– हाँ।  

– तो वहाँ बिना किसी तार के संदेश जाता है कि नहीं?

– पता नहीं, बाबू जी!

– जाओ! चाय आ गई!

और वह बिना कुछ समझे आँखें झपकाए चाय पीने लगा!

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