सितम्बर 2026

देशअपाहिज     Posted: March 1, 2023

पश्चिमी रंग में रंगते जा रहे एक पुत्र ने किसी तरह साहस जुटा कर अपने भारतीय रंग में रंगे संस्कारी पिता से कहा, “ पापा ! मैं शादी करना चाहता हूँ|”
“क्यों ?’’
“बेटे ! पहले अपने पैरों पर खड़े हो जाओ, फिर जो जी में आए करना |”
“पापा ! अगर मैं अपने पैरों पर खडा नहीं भी हो सका हूँ, तो क्या हुआ | वह तो अपने पैरों पर खड़ी है|”

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