अगस्त 2026

भाषान्तरजुदी देस     Posted: August 1, 2021

गढ़वाली अनुवाद; डॉ. कविता भट्ट ‘शैलपुत्री’

“ईरान माँ कु रंदन?”

“ईरान माँ ईरानी कौम रंदी?”

“इंग्लिस्तान (इंग्लैंड) माँ कु रंदन?”

“इंग्लिस्तान (इंग्लैंड) माँ अंग्रेज कौम रंदि?”

“फ्रांस माँ कु रंदन?”

“फ्रांस माँ फ्रांसिसी कौम रंदि?”

“यु कु मुल्क च?”

“यु पाकिस्तान च”

“इख पाकिस्तानी कौम रंदि होलि?”

“ना, बल इख पाकिस्तानी कौम नि रंदि। इख्मा सिंधी कौम रंदि।  इख्मा पंजाबी कौम रंदि। इख्मा बंगाली (तब बांग्लादेस नि बणी छौ) कौम रंदि। इख्मा या कौम रंदि, इख्मा वा कौम रंदि।”

“लेकिन पंजाबी त हिंदुस्तान माँ बि रंदन! बंगाली बि हिंदुस्तान माँ रंदन! त फीर यु जुदु देस किलै बणये गे छौ?”

“गलथि ह्वे गे, माफ करा। अब कबि नि बणोंला।”

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