जून 2026

देशान्तरलुका–छिपी     Posted: September 1, 2017

[अनुवाद-सुकेश साहनी ]

आओ, हम लुका–छिपी खेलते हैं।

यदि तुम मेरे दिल में छिप जाओगे, तो तुम्हें ढूँढना मुश्किल नहीं होगा ;किन्तु यदि तुम अपने ही मुखौटे के पीछे छुप जाओगे  ,तो किसी भी तुम्हें खोजना निरर्थक होगा।

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