जून 2026

देशअपनी-अपनी बरसात     Posted: June 1, 2026

बड़े मकान की पक्की छत गरमी से झुलसती हुई तिलमिलाई, “जाने बारिश कब होगी? जल गई हूँ बुरी तरह. बच्चों की शक्ल भी नहीं देखी महीनों से. सारा दिन एसी में पड़े रहते हैं. तेज मूसलाधार बारिश हो तो बच्चे नहाने या नाव तैराने तो आते ही हैं।”

साथ सटी जर्जर हालत की छोटे मकान की छत उदासी से लिपटी रिरियाई, “काहे आफत बुला रही है बहना। मुझमें तो इतनी दरारें आई हुई हैं कि अगर पछाड़दार तेज बारिश हुई तो मेरा ढह जाना निश्चित है और बच्चों के मुझ पर आने की बात तो छोड़ो बल्कि दिन-रात बेचारे जगह-जगह से टपकती छत के नीचे बरतन बाल्टी लगाने में जुत जाएंगे।”

“अच्छा! मेरे मालिक तो बिना किसी कमी के भी जल्दी-जल्दी मुझे नया कराते रहते हैं। तुम्हारे मालिक तुम्हारा ख्याल नहीं रखते?”

“अरे वे तो बहुत अच्छे हैं, सारे देश का ख्याल रखते हैं। बस कभी छुट्टी, कभी पैसे की तंगी के कारण काम टलता रहता है। वह फौजी हैं न।” छोटी छत ने गर्व से कहते हुए पूछा, “और तुम्हारे मालिक क्या करते हैं?” बड़ी छत सकपकाई सी बोली, “वह नेता हैं, रुलिंग पार्टी के।”

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