अगस्त 2026

देशज़िन्दा मुर्दा     Posted: April 1, 2026

भीड़ में खड़ा एक आदमी चिल्लाया- “तुम जिन्दा हो?”

नेता मुस्कराया- “हाँ, तुम देख तो रहे हो… बोल रहा हू, चल रहा हू, जीत भी रहा

हूँ।”

नहीं, मैं कुछ और पूछ रहा हूँ।”

तो पूछो।”

क्या तुम्हारे भीतर इन्सानियत है?”

वो बहुत महँगी पड़ती है, छोड़ दी।”

ईमानदारी?”

वो हारने वालों का गहना है।”

सम्वेदना?”

राजनीति में वो कमजोरी मानी जाती है।”

आदमी चुप हो गया।

भीड़ भी कुछ पल को सन्न।

फिर किसी ने धीरे से कहा- “तो तुम जिन्दा नहीं हो… एक चलती-फिरती लाश हो।”

नेता हँस पड़ा।

तुम्हारी नज़र में सही हो सकता है, पर इस लोकतन्त्र में मुर्दे ही सबसे ज्यादा वोट पाते हैं।”

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