जून 2026

देशस्ट्रैचमार्क्स     Posted: April 1, 2025

नवल और नीता का प्रेम विवाह था, लेकिन जबसे उनके जीवन में नन्ही परी ने दस्तक दी उनके परिवार में तो खुशियाँ बढ़ी लेकिन उन दोनो में दूरियाँ बढ़ती जा रही थी।

कारण भी समझ में नही आ रहा था।

ये बात नवल की माँ को भी महसूस हो रही थी, पर वह मर्यादावश चुप थी और नीता लज्जावश।

एक दिन परेशान होकर उसने नवल से पूछ ही लिया, “अब ऐसा क्या हुआ कि आप अब मुझसे दूर दूर रहते है।”

“कुछ भी तो नही।”

“नही कुछ तो है, बताओ मुझे सच सुनना है।”

“तो सुनो, तुम्हारे शरीर (पेट) पर पड़े निशान देखकर मुझे घिन आती है। ऊपर से तुमने जो मोटापा बढ़ाया है न, इससे तुम पहले जैसी रही ही नहीं।”

जैसे ही पति ऑफिस के लिए निकले तो सासू माँ ने बहु की आँखें नम देखी। उन्होंने ज्यों ही पूछा उसकी रुलाई फूट पड़ी।

और जब उन्होंने प्यार से सर पर हाथ रखकर पूछा तो नीता के अंदर का लावा शब्दों के रूप में फूट पड़ा।

उसने बताया, “माँ जी, इनको अब मैं पसंद नहीं, इन्होंने  कहा कि मेरा बेडौल शरीर देखकर घिन आती है, मेरे पेट के निशान देखकर उल्टी करने का मन होता है। “

शाम को जब नवल घर लौटा तो माँ ने उसके सर में तेल डालने के बहाने से बात शुरू की, और उसे बताया – “दुनिया की कोई भी समतल वस्तु खूबसूरत नही हो सकती, जब तक कि प्रकृति उसपर अपनी चित्रकारी न करे। चाहे वो उन्नत पर्वत- शृंखला हो या मरुथान के वलय। ठीक उसी तरह स्त्री की देह पर बनने वाले मांसल वलय और उसके पेट पर प्रसव के बाद पड़ने वाले  खरोंच के निशान दुनिया की सबसे खूबसूरत पेंटिंग होती है जो उसके बच्चे ने बनाई होती है।’’

नवल की समझ में माँ की बात आ गई, और उसने मन ही मन आज की रात को मधुरयामिनी बनाने का निश्चय कर लिया और पैदल ही चौराहे की तरफ निकल गया, मोगरे की वेणि खरीदने।

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