यह एक शानदार आयोजन था………। वर्षो बाद कॉलेज के दोस्तों से मुलाकात होने पर सभी बड़े प्रसन्न थे। बड़े-बड़े शहरों में रहकर करियर में खूब सफलता पा चुके दोस्त अपने कॉलेज के दिनों को एक बार फिर से जी सके। कॉलेज रियूनियन ने यह मौका दिया। सोशल मीडिया ने सभी को एक प्लेटफार्म में जोड़ दिया था जिससे ऐसा कार्यक्रम तय हो सका। नीलेश ढींगरा एक कंपनी में जनरल मैनेजर है, रमेश पुष्कर डी०आर०डी०ओ० में निदेशक, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी सचिवालय में उपसचिव, सौम्या सिंह मल्टीनेशनल कंपनी में वी०पी० इनके अतिरिक्त बैच के सभी कर्णधार ‘थ्री इडियट’ फिल्म की तरह कहीं ना कहीं टॉप पोजीशन पर हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन बैचमेट मानव गुप्ता ने किया जो स्थानीय इंजीनियरिंग कॉलेज में प्लेसमेंट सेल के प्रभारी हैं ।
इस कार्यक्रम में सभी को सक्सेस स्टोरी सुनाने का मौका मिला। आखिर मान- सम्मान भी अपनी ‘पुरानी जगह’ में मिले तो बात ही अलग है वर्ना बड़े शहरों में तो हर एक आदमी ‘बड़ा’ है, कौन किसकी सुने ?
आयोजन से दोस्तों के संपर्क मजबूत हुए। आजकल ऐसे संपर्कों से ही बड़े-बड़े काम बनते हैं। मानव गुप्ता के छात्रों का कैंपस सिलेक्शन आसान हो गया, ढींगरा की कंपनी का प्रचार हुआ। किसी को अपने कॉलेज टाइम के ‘क्रश’ से मिलने का मौका मिला, तो कोई नए लोगों पर अपना प्रभाव जमा सका ।
इसी बैच का अविनाश गणित का अच्छा विद्यार्थी रहा है लेकिन तपेदिक की बीमारी के चलते उसका कैरियर नहीं बन सका। वह इसी शहर में जैसे -तैसे गुजर बसर कर रहा है। बैचमेट में से किसी को उसकी सुध न आई। इसके अलावा स्कूल टीचर बन सके एक और साथी राजेश कुमार को निमंत्रण दिया गया; लेकिन उसने कार्यक्रम में शामिल होना स्वीकार नहीं किया ।
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