अगस्त 2026

देशतितली     Posted: June 1, 2024

मैं ऑफिस से  घर वापस  पहुँच अपनी नन्हीं बिटिया शोख़ी को गोद में लेने को आतुर हूँ। छ: महीने की शोख़ी अब मुस्कुराने लगी है। मुस्कुराते वक्त नीचे के मसूड़े के दो दाँत दिखाती कितनी प्यारी लगती है मेरी शोख़ी। बुआ, चाची, चाची, दादा, दादी कोई उसको छोड़ता ही नहीं। मेरा नम्बर कितनी देर में आयेगा। मुझसे इंतज़ार नहीं हो रहा। मैं अपनी अम्मा की गोद से शोख़ी को ले आता हूँ। नन्हीं सी है लेकिन बातों की कितनी शौक़ीन है । मैं हाँ..हूँ करता हूँ, मुस्कान की एक तितली उसके होठों पर आकर  बैठ जाती है। 

 अनायास ही नज़र सामने खिड़की पर जा ठहरती है। बिस्तर पर लेटी नानी खाँस रही हैं।  अब उन्हें ऐसे ही खाँसी के दौरे पड़ते हैं। मेरी पचासी बरस की नानी। बचपन में कितने नाज़ उठवाये हैं मैंने नानी से। अब उन्हें कम दिखने लगा है,सुनाई भी कम देता है। चलने-फिरने में असमर्थ हैं नानी। कुछ इशारा कर रही हैं शायद पानी माँग रही हैं। मैं अपनी अम्मा को नानी को पानी देने को कहता हूँ। और फिर शोख़ी को खिलाने लग जाता हूँ। शोख़ी के होठों  की अनगिनत तितलियाँ मेरे आस-पास उड़ रही हैं। नानी फिर खाँस रही हैं। 

 हर कोई उनके कमरे से बच कर निकल रहा है। उनकी कोई बात ठीक से समझ ही नहीं आती। सब उनके कम सुनने, देखने का उपहास उड़ाते हैं। शायद मैं भी तो । कहाँ बचपन में एक गोद से दूसरी गोद में घूमती सबकी लाड़ली बिटिया , कहाँ आज अकेले में गुमसुम सी बिस्तर पर लगी नानी! हर कोई चाहता है उन्हें मुक्ति मिल जाये। सच तो यह है आज हम उनसे अपनी मुक्ति चाहते हैं। 

शोख़ी ने जोर की किलकारी मारी है। मेरा ध्यान नानी से हट फिर शोख़ी पर ठहर गया है। तो क्या शोख़ी को भी बूढ़ा होने पर यह सब झेलना, सहना पड़ेगा? नहीं-नहीं उसे सब तब भी उतना ही प्यार करेंगे जितना आज। उसकी मुक्ति के बारे में कोई कैसे सोच सकता है? उसका कोई उपहास कैसे उड़ा सकता है? तो क्या नानी के माँ-बाबूजी ने ऐसा नहीं सोचा होगा? इसके आगे मेरी सोच को विराम लग जाता है। मैं शोख़ी को उसकी माँ की गोद में दे नानी के पास जाकर गिलास से पानी पिलाता हूँ। खाली गिलास स्टूल पर रख नानी के हाथ अपने हाथ में ले लेता हूँ। नानी अस्पष्ट सा कुछ बोल रही हैं। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है फिर भी उनकी बात पर हाँ…हूँ कर रहा हूँ। शोख़ी के होठों की तितली अब मुझे नानी के होठों पर दिख रही है।

 -0- मनीष श्रीवास्तव, फ्लैट न. टॉप-3, नर्मदा ब्लॉक, अल्टीमेट, कैंपस, शिर्डीपुरम, कोलार रोड, भोपाल-462042

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