आज रात देर कुछ ज्यादा ही हो गयी थी, रामदीन आँगन में बैठा सामने की हवेली से ईर्ष्या कर रहा था, वो उसके घर से बहुत बड़ी थी और उसकी दीवारें ऊँची और पक्की थीं| इतने में हवेली के बाहर एक कार आकर रुकी, उसमें से हवेली की मालकिन लड़खड़ाती हुई, अस्त-व्यस्त कपड़ों में बाहर निकली| कार उन्हें बाहर ही छोड़ कर आगे चली गई।
यह देख रामदीन हल्का- सा चौंका लेकिन ,उसे अब अपने घर की कच्ची दीवारें अधिक मज़बूत और ऊँची दिखाई देने लगीं |
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अगस्त 2026
देशमज़बूत दीवार Posted: December 1, 2015
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