-मुझे मिमिक्री सीखनी है
-किस हीरो की… अमिताभ की ये बड़ा आसान है
-हीरो की नहीं
-तो कामेडियन की जॉनी लीवर की …यह थोड़ा कठिन है …
-नहीं कामेडियन की भी नहीं
-तो क्या खलनायक की,,, अमरीशपुरी की आवाज भी होनी चाहिए
-नहीं मुझे बॉलीवुड के लोगों की आवाज की नक़ल नहीं उतारनी
-तो …
-मेरे पास तीन आवाजें हैं … इन तीन आवाजों की मिमिक्री सीखनी है
-सुनाओ …
-उसने रिकॉर्डेड वॉइस सुनाई …
-ये एक आवाज महिला की है और दो आवाजें 12-15 वर्ष के बच्चों की
-हाँ !!
-इनकी मिमिक्री क्यों?
-ये मेरी पत्नी और दोनों बच्चों की आवाजें हैं।
-अच्छा समझ गया … आप घर में मनोरंजक माहौल रखना चाहते हैं
-हाँ , कुछ ऐसा ही !!
उस वॉइस ट्रेनर ने कुछ ही हफ्तों में उसे तीन आवाज़ों के सैंपल के आधार पर काम चलाऊ मिमिक्री सीखा दी !
अब वह अपने गाँव बैठे बीमार माँ और बूढ़े पिता को खुश कर पाता था। वह कभी बहू बनकर बात करता, कभी बच्चे बनकर !
उनके माँ –बाप भी भगवान का ही चमत्कार मानते कि बहू कितनी बदल गई है …पहले तो –हमारे नाम से ही चिढ़ती थी। अब कितने सम्मान से हाल चाल लाती है, बातें करती हैं और बच्चों को भी बात करने से मना नहीं करती!
–0- गौतम सागर ( वडोदरा)
Gautam Sagar <gsagar6@gmail.com>
मोबाइल :- 7574820085