“साहब ये तो मर चुका है।बुरी तरह जल गई है बॉडी। और कार भी बिल्कुल कोयला हो गई है । आग तो
भीषण ही लगी होगी।”कान्स्टेबल रामलाल अपने इंसपैक्टर साहब से हताश- सा बोला। बहुत भयानक बदबू फैली थी माँस जलने की। वो बदबू से बेहोश होने को था। फिर भी बड़ी हिम्मत से उसने जाँच की।
“अरे पूछ तो रामलाल के आसपास के लोगों से, कुछ देखा इन्होंने ?” इन्सपेंक्टर साहब गरजकर बोले।
भीड़ में से एक आदमी बोला-“ सर कुछ क्या सबकुछ देखा। दस मिनट में तो पूरी तरह से सब जल कर राख हो गया। हम पाँचों यहीं थे तब।”
“आप क्या कर रहें थे पाँचों यहाँ । आपने कोशिश नहीं की आग बुझाने की ?”
”सर ,आग बहुत भंयकर थी। हम असहाय थे।”
“तो आप सब खड़े देखते रहे?”
“नही सर, हमनें वीडियो बनाई है न । अलग अलग ऐंगल से।
‘बचाने की कोशिश तो कर सकते थे। वीडियो से क्या होगा।’
”ऐसे वीडियो की मीडिया में बहुत डिमांड है सर!”
-0– 327/ सेक्टर 16-ए, फ़रीदाबाद
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नवम्बर 2026
देशब्रेकिंग न्यूज़ Posted: May 2, 2017
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