जून 2026

देशबुद्धिजीवी     Posted: November 1, 2022

               ‘‘चले जाओ यहाँ  से, तुम्हें भीख देने के लिए न हमारे पास फुरसत है और ना ही छुट्टा।’’ एक बुद्धिजीवी बोला।

               ‘‘तुम एक हट्टे-कट्टे नौजवान हो। कुछ काम क्यों नहीं करते?’’ दूसरा बुद्धिजीवी बोला।

               ‘‘देखो भाई, ना तो तुम बीमार दिखते हो, ना ही अन्धे-लूले-लंगड़े और ना ही तुम बूढ़े हो। फिर तुम्हें भीख क्यूं दें? आखिर भीख देने के लिए कोई तो वजह चाहिए न?’’ तीसरा बुद्धिजीवी बोला।

               ‘‘वजह? वजह तो भीख न देने के लिए चाहिए। भीख देने के लिए कोई वजह नहीं होती। मेरा भिखारी होना पर्याप्त है।’’

               यह कह चौथा बुद्धिजीवी अपनी हथेली समेटता हुआ आगे बढ़ गया।

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