जून 2026

भाषान्तरपाप के हिसाब     Posted: September 1, 2025

  (छतीसगढ़ी-अनुवाद: दीपाली ठाकुर)

मरघट्टी म पड़े-पड़े वो ह जेन दिन ल अगोरत रहिस वो दिन आगे। मुर्दा मन जी उठिन। ठसाठस मनखे भरे मैदान म पॉल के नजर दउड़ गे। जम्मो डहर एके ठन सवाल रहिस, ” कोन ल सरग मिलही कोन ल नरक? ” हालाँकि ये सवाल पॉल बर,जेन ह जिनगी भर एक ठन मच्छर नई मारिस ओखर बर,ओतेक कठिन नई रहिस।

धोखेबाज विक्टर पुल तिरन खड़े सिगरेट फूँकत रहिस। विक्टर बहुत अकन अपराध (पाप) करे हे, तेने म एक पॉल के संपत्ति अउ ओखर प्रेमिका जेसिका ल धोखा से हड़पना तक हे।

” तोला मैं ह भाई असन मानेंव विक्टर अउ तिहि मोला …”

हमेशा असन कुटिल मुस्कान मुस्कियावत विक्टर मौन रहिस।

मैं ह कभू सपना तक नई सपनाये रहेंव जेसिका तैं मोर साथ अइसना करबे।” पॉल ल जेसिका ले जेन ह विक्टर कस पॉल ल धोखा दीस ,गजब  प्रेम रहिस।

धीर लगा के लोगन मन नियाव के पुल ऊपर चघे लगिन हें।

विक्टर के सिगरेट सिराये के पहिली जेसिका ओखर तीर रहिस।

विक्टर के सिगरेट ले के अपन फूँकीस अउ विक्टर के हाँथ ल धरत पॉल ल देखिस। दुनो नियाव पुल कोती चल दीन।

जिनगी भर चुपचाप सबे सहत पॉल ल लगिस “आज इनकर पाप के हिसाब होबे करही ।”

ये का जेन मन ल पुल के बीचे म गिर के नरक पहुँचना रहिस उन तो पुल पार कर सरग पहुँच गे। पॉल अचकचागे ” ये पापी मन सरग कइसे पहुँच सकत हें ?”

थोरके देरी म दुनिया भर के प्रसिद्ध लुटेरा , बलात्कारी ,बड़े -बड़े भ्रष्टाचारी  अउ हत्यारा मन पुल पार रहीन। ” ये कइसे सम्भव हे? पॉल अपन पसीना अंगोछत गोठियावत हे।

मैदान म खड़े बाकी मन भी अचकचाए देखत रहिन। उहू मन डर के मारे पुल ले दुरिहा भागे लगिन।तभे अलकरहा दूत मन आगे ,अउ धर -धर के बचत मन ल पुल ऊपर लेगे लगिन।पॉल पछीना म चोरोबोरो सोचत हे, जब वो ह कोनो गलत काम नई करे हे तब वो ह नरक कइसे जाही।

दूत मन पॉल ल उठाके पुल के बीचोबीच म छोड़ दीन।पॉल जइसन अपन गोड़ ल सरकाइस पुल के नीचे पहुँच गे।एखर पहिली के नरक के आगी वोला पूरा जरोतिस वो ह जोर के चिचियाइस ” ये दुनिया भगवान के नही शैतान के बनाये हवय।”

मरघट्टी म पड़े-पड़े वो ह जेन दिन ल अगोरत रहिस वो दिन आगे। मुर्दा मन जी उठिन। ठसाठस मनखे भरे मैदान म पॉल के नजर दउड़ गे। जम्मो डहर एके ठन सवाल रहिस, ” कोन ल सरग मिलही कोन ल नरक? ” हालाँकि ये सवाल पॉल बर,जेन ह जिनगी भर एक ठन मच्छर नई मारिस ओखर बर,ओतेक कठिन नई रहिस।

धोखेबाज विक्टर पुल तिरन खड़े सिगरेट फूँकत रहिस। विक्टर बहुत अकन अपराध (पाप) करे हे, तेने म एक पॉल के संपत्ति अउ ओखर प्रेमिका जेसिका ल धोखा से हड़पना तक हे।

” तोला मैं ह भाई असन मानेंव विक्टर अउ तिहि मोला …”

हमेशा असन कुटिल मुस्कान मुस्कियावत विक्टर मौन रहिस।

मैं ह कभू सपना तक नई सपनाये रहेंव जेसिका तैं मोर साथ अइसना करबे।” पॉल ल जेसिका ले जेन ह विक्टर कस पॉल ल धोखा दीस ,गजब  प्रेम रहिस।

धीर लगा के लोगन मन नियाव के पुल ऊपर चघे लगिन हें।

विक्टर के सिगरेट सिराये के पहिली जेसिका ओखर तीर रहिस।

विक्टर के सिगरेट ले के अपन फूँकीस अउ विक्टर के हाँथ ल धरत पॉल ल देखिस। दुनो नियाव पुल कोती चल दीन।

जिनगी भर चुपचाप सबे सहत पॉल ल लगिस “आज इनकर पाप के हिसाब होबे करही ।”

ये का जेन मन ल पुल के बीचे म गिर के नरक पहुँचना रहिस उन तो पुल पार कर सरग पहुँच गे। पॉल अचकचागे ” ये पापी मन सरग कइसे पहुँच सकत हें ?”

थोरके देरी म दुनिया भर के प्रसिद्ध लुटेरा , बलात्कारी ,बड़े -बड़े भ्रष्टाचारी  अउ हत्यारा मन पुल पार रहीन। ” ये कइसे सम्भव हे? पॉल अपन पसीना अंगोछत गोठियावत हे।

दीपाली ठाकुर (अनुवादक )

मैदान म खड़े बाकी मन भी अचकचाए देखत रहिन। उहू मन डर के मारे पुल ले दुरिहा भागे लगिन।तभे अलकरहा दूत मन आगे ,अउ धर -धर के बचत मन ल पुल ऊपर लेगे लगिन।पॉल पछीना म चोरोबोरो सोचत हे, जब वो ह कोनो गलत काम नई करे हे तब वो ह नरक कइसे जाही।

दूत मन पॉल ल उठाके पुल के बीचोबीच म छोड़ दीन।पॉल जइसन अपन गोड़ ल सरकाइस पुल के नीचे पहुँच गे।एखर पहिली के नरक के आगी वोला पूरा जरोतिस वो ह जोर के चिचियाइस ” ये दुनिया भगवान के नही शैतान के बनाये हवय।”

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