‘अ’ अपने दोस्त ‘ब’ को अपना हममजहब जाहिर करके, उसे महफूज मुकाम पर पहुँचाने के लिए मिलटरी के एक दस्ते के साथ रवाना हुआ। रास्ते में ‘ब’ ने, जिसका मजहब मसलहतन बदल दिया गया था, मिलटरी वालों ने पूछा,‘क्यों जनाब, आसपास कोई वारदात तो नहीं हुई?’’
जवाब मिला, ‘‘कोई खास नहीं। फलाँ मुहल्ले में अलबत्ता एक कुत्ता मारा गया।’’
सहमकर ‘ब’ ने पूछा, ‘‘कोई और खबर?’’
जवाब मिला, ‘‘खास नहीं, नहर में तीन कुतियों की लाशें मिलीं।’’
‘अ’ ने ‘ब’ की खातिर मिलटरी वालों से कहा, ‘‘मिलटरी कुछ इन्तजाम नहीं करती।
जवाब मिला, ‘‘क्यों नहीं? सब काम उसकी निगरानी में होता है।’’
-0-