जून 2026

देशतंत्र की संधियाँ     Posted: June 1, 2023

एक व्यक्ति समाज में फैले भ्रष्टाचार से बड़ा व्यथित था. उसने एक व्यापारी के बारे में सुना कि वह बड़े पैमाने पर कर की चोरी करता है.उसने वाणिज्यकर विभाग को इसकी गुप्त सूचना प्रेषित कर दी. अगले ही दिन रेड पड़ी और व्यापारी की चोरी पकड़ी गयी. व्यापारी पर एक बड़ा अर्थदंड लगा।

इस परिणाम से उत्साहित होकर वह व्यक्ति अन्य कर अपवंचक व्यापारियों के सम्बन्ध में सूचना भेजने लगा। फिर कुछ रेड पड़ी। मगर जल्दी ही रेड पड़नी बंद हो गईं।

वह व्यक्ति अनुभवी था। वह समझ गया कि व्यापारियों और विभाग के बीच सांठगांठ हो गयी। इस बार उसने सीआईडी को इस सांठगांठ की  पूरी जानकारी प्रेषित कर दी। विभाग के अधिकारियों के घर सीआईडी का छापा पड़ा। कुछ अधिकारी पकडे गए। मगर अधिकारियों कीधर पकड़ की घटना जल्दी ही थम गयी।

 वह समझ गया कि अब दोनों विभागों के अधिकारियों ने आपसी तालमेल बिठा लिया है। मगर वह हिम्मत नहीं हारा। एक दिन उसने अवसर पाकर दोनों विभागों के अधिकारियों की बैठक और पैसों के लेनदेन का स्ट्रिंग ऑपरेशन कर लिया। उसने स्ट्रिंग ऑपरेशन के वीडियो का छोटा क्लिप अधिकारियों को भेजा और धमकी दी कि अपने कुकर्म बंद

कर दो वरना पूरा वीडियो मीडिया को भेज दिया जाएगा।

उधर से तत्काल ही जवाब आया। लिखा था, हमने सभी मीडिया वालों- सी बात कर ली है। तुम कुछ नहीं उखाड़ सकते। मगर हाँ, तुम्हारे लिए एक ऑफर है।हम एक गुप्त स्थान पर मिलते हैं और एक अच्छी रकम पर मामले को रफा दफा कर लेते हैं।

जवाब पढ़कर उस व्यक्ति के होठों पर बारीक मुस्कान रेंग गई ।

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