जून 2026

देशएकता     Posted: June 1, 2019

वो बिकुल बदरंग था, बिलकुल असंगत मुद्रा 

कुछ आधा कुछ अधूरा, बिलकुल भदेस 

एक हाथ लम्बा एक छोटा 

एक आँख खुली एक बंद 

एक कान गायब 

माथे पर पट्टी 

आधा सर मुंडा हुआ 

एक हाथ में प्लास्टर दूसरे हाथ में कटोरा 

मैंने पूछा – भैया, ये क्या स्वांग बनाये हुए हो, कौन हो तुम 

वो बोला पहले तीसरा मोर्चा था अब गठबंधन हूँ .

मैं – क्या मतलब 

वो – दरअसल मैं विभिन्नता और विपक्ष में एकता का प्रतीक हूँ 

मैंने पूछा – लेकिन एकता है कहाँ ?

वो – फ़िलहाल तेल लेने गई है ..

-0-

उर्मिल कुमार थपलियाल,ए – 1075/3, इन्दिरा नगर,लखनऊ – 226016

urmilkumarthapliyal@gmail.com

गतिविधियाँ

  • सम्पर्क:-

    सुकेश साहनी

    185,उत्सव,महानगर पार्ट–2
    बरेली–243122 (उ.प्र.)


    sahnisukesh@gmail.com

    रामेश्वर काम्बोज ´हिमांशु´

    रचनाएँ भेजने के लिए ई-मेल-:-

    laghukatha89@gmail.com

    विशेष सूचना-:-

    पूर्व अनुमति के बिना लघुकथा डॉट कॉंम की सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता ।

    केवल स्वीकृत रचनाओं की ही सूचना दी जाती है।

    -सम्पादक द्वय

Design by TemplateWorld and brought to you by SmashingMagazine