“क्या हुआ? ये हल्ला कैसा है?” मोहल्ले में घुसते हुए मैंने भीड़ लगी देखी, तो आशंकित होकर पड़ोसी अनूप से पूछा।
“आपको नहीं पता?” वह धीरे से बोला, “बी ब्लॉक वाले शशधर जी की लड़की मर गयी! जवान लड़की!”
“शशधर जी की लड़की?” कुछ याद करता हुआ बोला मै, “वो न…नम्रता! पर कैसे?”
“पता नहीं, बता रहे हैं कि घूमने गयी थी नैनीताल । वहाँ होटल में गलती से एसिड की बोतल पी ली।”
“एसिड की बोतल! होटल में एसिड की बोतल कौन लाया होगा?”
“पता नहीं।” दूसरे पड़ोसी अमन बोले, “अरे, मुझे तो लगता है, सुसाइड किया होगा।”
“पता नहीं, पर मुझे तो लगता है, किसी ने मारा होगा। आजकल लव इन.. बहुत चल रहा है।”
“पता नहीं क्या हुआ; पर हो सकता है पहले कोई मोलस्टेशन, टॉर्चर की घटना हुई हो, फिर किसी ने मार दिया हो।”
“क्लीयर पता तो नहीं, पर हो सकता है- मारा कहीं और हो, बॉडी वहाँ डम्प की हो….. “क्राइम पेट्रोल सीरियल का एक नियमित दर्शक बोला।
और इस तरह बातों का कलाइडॉस्कोप घूमता रहा।
“पता नहीं, सही बात क्या है? “मैंने भी सबकी तरह बात के आगे ‘पता नहीं’ जोड़ते हुए धीरे से कहा, “लेकिन एक तथ्य तो पता है- कोई जवान लड़की जब अचानक मर जाती है, तो उसकी मृत्यु के अनेक कारणों के जन्म होने लगते है।”
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