लघुकथा.com
जून 2026
देशआग Posted: January 1, 2025
मार्निंग कान्फ्रेंस से निपटकर हाकिम हुक्काम चाय कॉफी की चुस्कियाँ ले चुके थे। जितनी देर इनकी कांन्फ्रेंस चलती, मातहत इधर उधर घूम टहल लेते। एक दूसरे की राजी- खुशी भी जानने का सबसे मुफीद समय। इनके वैचारिक विनिमय को गप्प सड़ाका कहने की परंपरा अभी तक ज्यों की त्यों चली आ रही थी। सतपाल चपरासी ने साहब को राम राम कही, बैग पकड़ा और दिन भर के लिए आश्वस्त हो गया कि साहब की किरपा बनी रहैगी। कभी कभार साहब राम राम का जवाब दे देते थे और जिस दिन ‘हाउ इज इवरी थिंग?’ तो सतपाल की बाँछें खिल जातीं। दोपहर एक बजे का समय। ‘फायर फायर फायर।’ सतपाल दौड़ा।
© Copyright Infirmation Goes Here. All Rights Reserved.
Design by TemplateWorld and brought to you by SmashingMagazine