सिलसिला
वर्षो पहले एक आदमी को अत्यधिक लोकप्रिय होने की वजह से सूली पर चढ़ा दिया गया था।
ताज्जुब की बात यह है कि कल मैं उससे तीन बार मिला
पहली बार वह एक वेश्या को जेल न ले जाने की बात पर एक पुलिसवाले से भिड़ा हुआ था।
दूसरी बार वह एक दलित व्यक्ति के जाम से जाम टकरा रहा था।
तीसरी बार वह धर्मस्थल में एक समाज सुधारक के साथ हाथापाई पर आमादा था।
(अनुवाद : सुकेश साहनी)
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अक्तुबर 2026
देशान्तरसिलसिला Posted: June 1, 2015
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