सुमनकुमार बहुत बड़े कलाकार थे। हर कोई उनसे कहता, “आपको सरकार से कोई बड़ा सम्मान मिलना चाहिए!”
सुमनकुमार मुस्कुरा कर कहते, “दरबारी होने की कला सीखते ही सम्मान मिल जाएगा। “
लोगों ने सरकार तक भी संदेश भिजवाया कि सुमनकुमार को सम्मान मिलना चाहिए। सरकार ने कहा, “उसने कभी दरबार में हाजिरी नहीं लगाई। कैसे दे दें?”
एक दिन सुमनकुमार का निधन हो गया। लोगों ने सरकार को खूब कोसा और कहा, “जीते-जी सम्मान नहीं दिया, मरने के बाद तो दे दो!”
सरकार ने मुस्कुराते हुए कहा, “अरे,यही तो हमारी परंपरा है।”
दूसरे ही दिन ‘सुमनकुमार स्मृति सम्मान’ की घोषणा हो गई।
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सितम्बर 2026
देशसम्मान Posted: December 1, 2025
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