सितम्बर 2026

देशसम्मान     Posted: December 1, 2025


सुमनकुमार बहुत बड़े कलाकार थे। हर कोई उनसे कहता, “आपको सरकार से कोई बड़ा सम्मान मिलना चाहिए!”
सुमनकुमार मुस्कुरा कर कहते, “दरबारी होने की कला सीखते ही सम्मान मिल जाएगा। “
लोगों ने सरकार तक भी संदेश भिजवाया कि सुमनकुमार को सम्मान मिलना चाहिए। सरकार ने कहा, “उसने कभी दरबार में हाजिरी नहीं लगाई। कैसे दे दें?”
एक दिन सुमनकुमार का निधन हो गया। लोगों ने सरकार को खूब कोसा और कहा, “जीते-जी सम्मान नहीं दिया, मरने के बाद तो दे दो!”
सरकार ने मुस्कुराते हुए कहा, “अरे,यही तो हमारी परंपरा है।”
दूसरे ही दिन ‘सुमनकुमार स्मृति सम्मान’ की घोषणा हो गई।
-0-

गतिविधियाँ

  • सम्पर्क:-

    सुकेश साहनी

    185,उत्सव,महानगर पार्ट–2
    बरेली–243122 (उ.प्र.)


    sahnisukesh@gmail.com

    रामेश्वर काम्बोज ´हिमांशु´

    रचनाएँ भेजने के लिए ई-मेल-:-

    laghukatha89@gmail.com

    विशेष सूचना-:-

    पूर्व अनुमति के बिना लघुकथा डॉट कॉंम की सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता ।

    केवल स्वीकृत रचनाओं की ही सूचना दी जाती है।

    -सम्पादक द्वय

Design by TemplateWorld and brought to you by SmashingMagazine